kisankhetiganga.com विन्ध्य गंगे फार्मर प्रोड्यूसर कम्पनी लिमिटेड, पंजीकृत कार्यालय-डी-2/362, विकल्पखण्ड, गोमती नगर, लखनऊ-226010 के पूर्ण स्वामित्व का डोमेन नाम है। इस वेब साइट में कृषि जगत से जुड़ी विभिन्न जानकारियों का समावेश किया गया है, ताकि देश के कृषक वर्ग इससे लाभान्वित हो सकें। वेब साइट में जो भी जानकारी दी गयी है, वह विभिन्न पत्रिकाओं, कृषि शोध संस्थानों और विश्व विद्यालयों के प्रोफेसर/कृषि वैज्ञानिकों द्वारा लिखी गयी है, कुछ सामाग्री अन्य वेबासाइट से ग्रहण की गयी है, जिसके लये संस्था आभार व्यक्त करती है।
वर्ष 2013 में कृषि मंत्रालय, भारत साकार द्वारा कृषि के क्षेत्र में सहकारिता के माध्यम से आमूल-चूल परिवर्तन किये जाने हेतु कृषि उत्पादक संगठन  (Farmer Producer Organization – FPO) का गठन पूरे देश में किये जाने हेतु विस्तृत दिशा निर्देश/पालिसी निर्गत किया गया। वर्तमान समय में FPO का गठन सोसाइटी एक्ट 1860 (यथा संशोधित), ट्रस्ट एक्ट 1882 तथा नयी बनी कम्पनी एक्ट 2013 के अन्तर्गत किये जाने की व्यवस्था की गयी है।
कम्पनी एक्ट 2013 के अन्तर्गत विन्ध्य गंगे फार्मर प्रोड्यूसर कम्पनी लि0 का गठन 2021 में किया गया है। PM किसान FPO का मतलब है-किसान उत्पादक संगठन, जो किसानों का एक ऐसा समूह होता है, जो कम्पनी/सोसाईटी/ट्रस्ट एक्ट के अन्तर्गत पंजीकृत होता है और कृषि उत्पादक कामों को आगे बढ़ाता है। केन्द्र सरकार किसानों के इस संगठन को अंश पूँजी के रूप में 03 किश्तों में 15 लाख की आर्थिक सहायकता दे रही है। इसके लिये आवश्यक है कि समूह में मैदानी क्षेत्र की दशा में 300 और पहाड़ी क्षेत्र की दशा में 100 सदस्य हो और 30% सदस्य कम जीत वाले अर्थात लघु व सीमाग्र कृषक, बटाई दार या भूमिहीन कृषक हो।
संगठन बनाने से किसानों को निम्न लाभ प्राप्त होंगेः-
1. समूह से जुड़े किसानों को उनकी उपज का बाजार उपलब्ध काराना। इस संबंध में भारत सरकार ने इलेक्ट्रानिक मंडी (E.मंडी) की व्यवस्था सम्पूर्ण भारतवर्ष में की गयी है।
2. खाद, बीज, दवाओं व कृषि उपकरणों आदि को खरीदना आसान होगा।
3. सरकारी योजनाओ के लाभ को किसानों तक पहुँचाना।
4. किसानों को बिचौलिया के मकड़जाल से मुक्त कराना।
5. यदि समूह चाहे, तो 80% की सब्सिडी, ट्रैक्टर की खरीद व गोदामों की बनवाई हेतु, सरकार से प्राप्त कर सकता है।
6. कम्पनी एक्ट में यह व्यवस्था है कि किसान उत्पादक कम्पनी अपने शेयर पूँजी का अधिकतम 10 गुना ऋण बैंक से ले सकता है।
7. कम्पनी के सदस्य कम्पनी में फिक्स डिपोजिट कर ब्याज प्राप्त कर सकते हैं।
8. कम्पनी अपने सदस्यों के कृषि कार्यों हेतु ऋण की सुविधा भी उपलब्ध करा सकती है। कर्ज की मात्रा ज्यादा होने पर बैंक की तरह कम्पनी भी किसानो की सम्पत्ति को बन्धक रख सकती है।
9. कम्पनी के सदस्य ही कम्पनी के मालिक है और कम्पनी के सारे पदाधिकारी कम्पनी के कर्मचारी है।
10. कम्पनी एक्ट 2013, यथा संशोधित के उपबन्धों का पालन शत-प्रतिशत करना है।
11. साल के अंत में कम्पनी अपने बहीखाता की आडिट कराकर टैक्स रिपोर्ट दाखिल करेगी।
12. कंपनी किसानों का ‘‘स्वयं सहायता समूह’’ या ‘‘संयुक्त देयता समूह’’ का गठन करवाकर बैंक से लिंकेज कराएगा, ताकि किसानों को सस्ते दर पर ऋण मिल सके।
13. कंपनी कृषि कार्य यथा बागवानी, मछली, मुर्गी, बकरी, गाय पालन हेतु प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर किसानों को देगी जिसके आधार पर बैंक किसानों को ऋण प्रदान करेंगे।
14. कंपनी अपने सदस्यों के फसल का ‘‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’’ के अंतर्गत बीमा कराएगी। खरीफ, रवि व बागवानी का प्रीमियम क्रमशः 1.5% ,2% व 5% होता है। शेष प्रीमियम राज्य/भारत सरकार देती है। वर्ष 2016-2020 तक की अवधि में किसानों ने लगभग कुल 19 हजार करोड रुपए का प्रीमियम जमा किया लेकिन फसल नुकसान के रूप में 120 हजार करोड़ का पूर्ण प्रतिपूर्ति बीमा कंपनी से प्राप्त किया गया है। अर्थात ‘‘01 लगाओ 06 पाओ’’।
15. कृषि की वैज्ञानिक पद्धति को किसानों तक पहुंचाना।
16. किसानों को साहूकारों के चुंगल से मुक्त कराना।
17. चूँकि कंपनी के पास सदस्य किसानों के परिवार का बायोडाटा/विवरण उपलब्ध होता है, अतः उनके बच्चों की समुचित पढ़ाई लिखाई में कंपनी का मार्गदर्शन मिल सकता है और बच्चों की शादी ब्याह हेतु भी वर-वधू की तलाश आसानी से हो सकती है चूँकि प्रदेश के विभिन्न थ्च्व् आपस में जुड़े हुए हैं, अतः इस काम में और सहूलियत प्राप्त होना संभव है।
अर्थात सरकार ने किसानों के सर्वांगीण विकास की व्यवस्था अपने नियमों/पॉलिसी में की है बस आवश्यकता है इसे ठीक ढंग से समझ कर जुड़ने की। वैसे भी कहावत है ‘‘अकेला चना भाड़ नहीं भोड़ सकता’’। जीवन तनाव रहित व प्रफुल्लित हो, इसके लिए समूह जुड़ना ही श्रेयस्कर है। कंपनी का सदस्य/शेयर होल्डर बनने के लिए या संयुक्त देयता समूह बनाने के लिए किसान भाई श्री विकास सिंह, निदेशक, मानव संसाधन विकास (मो0-9455431157) संपर्क कर सकते हैं।